श्रमिको को श्रम कल्याण परिषद की विभिन्न योजनाओं का ऐसे मिलेगा लाभ

श्रमिको को श्रम कल्याण परिषद की विभिन्न योजनाओं का ऐसे मिलेगा लाभ

पंजीकृत दुकान, वाणिज्यिक अधिष्ठान एवं कारखाना में नियोजित श्रमिक, श्रम कल्याण परिषद की विभिन्न योजनाओं का प्राप्त करें लाभ-उप श्रम आयुक्त


उप श्रम आयुक्त, उ0प्र0 मेरठ क्षेत्र मेरठ राजीव कुमार सिंह ने बताया कि श्रम विभाग के अन्तर्गत श्रम कल्याण परिषद द्वारा पंजीकृत दुकानों, वाणिज्यिक अधिष्ठानों एवं कारखानों में काम करने वाले श्रमिको (जोकि न्यूनतम 06 माह से कार्यरत है तथा जिनका मासिक वेतन 15000/- तक हो) हेतु श्रम कल्याण परिषद के अन्तर्गत निम्नवत योजनाए संचालित की जा रही है।

गणेश शंकर विद्यार्थी श्रमिक पुरस्कार राशि योजना-उ0प्र0 दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान अधिनियम 1962 व कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत पंजीकृत दुकानो, वाणिज्यिक अधिष्ठानों एवं कारखानों में कार्यरत श्रमिको के अध्ययनरत पुत्र/पुत्रियों को चालू वित्तीय वर्ष में हाई स्कूल /इन्टरमीडिएट /स्नतक /परास्नातक में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को धनराशि 5000/- तथा 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 7500/- तक पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।

डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम श्रमिक प्राविधिक शिक्षा सहायता-उ0प्र0 दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान अधिनियम 1962/ कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत पंजीकृत दुकानो, वाणिज्यिक अधिष्ठानों एवं कारखानों में कार्यरत श्रमिको के पुत्र/पुत्रियों को डिग्री पाठ्यक्रम, डिप्लोमा पाठ्यक्रम एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में शिक्षा सहायता के रूप में धनराशि रू 10000/- से 25000/- तक दिये जाने की व्यवस्था की गयी है।

ज्योतिबा फुले श्रमिक कन्यादान योजना-कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत पंजीकृत कारखानों में काम करने वाले श्रमिको के पुत्रियों के विवाह उपरान्त रू 51000/- की धनराशि प्रदान की जाती है।

राजा हरिशचन्द्र श्रमिक मृतक अंत्येष्टि सहायता योजना-कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत श्रमिको की मृत्यु होने पर उनकी विधवा/विधुर/आश्रितों को धनराशि रू 100000/- प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है।

दत्तोपन्त ठेंगड़ी मृतक अन्त्येष्टि सहायता योजना-कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत पंजीकृत कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की मृत्यु होने पर उनकी विधवा/विधुर /आश्रितों को अन्त्येष्टि हेतु रू 10000/- की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की व्यवस्था है।

महादेवी वर्मा पुस्तक क्रय धन योजना-उ0प्र0 दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान अधिनियम 1962/ कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत पंजीकृत कारखानों में कार्यरत श्रमिको की परास्नातक की शिक्षा ग्रहण करने वाली पुत्रियों को पुस्तक क्रय हेतु 7500/- की एकमुश्त आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गयी है।

चेतन चौहान क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना-कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत पंजीकृत कारखानों में कार्यरत श्रमिक के पुत्र/पुत्रियों जिनका चयन जिला, राज्य, राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में हुआ है, जिला स्तर के लिए रू 25000/-, राज्य स्तर के लिए रू 50000/-, राष्ट्रीय स्तर के लिए 75000/- तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर के लिए 100000/- की धनराशि प्रदान किये जाने की व्यवस्था है।

श्रवण कुमार धार्मिक एवं पर्यटन यात्रा योजना-कारखाना अधिनियम 1948 के अंतर्गत औद्योगिक अधिष्ठानों/ कारखानों में कार्यरत श्रमिको को प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों की यात्रा हेतु रू 12000/- की धनराशि प्रदान किये जाने की व्यवस्था है।

उपरोक्त समस्त योजनाओ में उ0प्र0 दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान अधिनियम 1962 व कारखाना अधिनियम 1948 में कार्य करने वाले श्रमिको हेतु गणेश शंकर विद्यार्थी श्रमिक पुरस्कार राशि योजना व डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम श्रमिक प्राविधिक शिक्षा सहायता संचालित की जा रही है जबकि उपरोक्त शेष 06 योजना कारखाना अधिनियम 1948 के अन्तर्गत नियोजित श्रमिको व उनके आश्रितो के लिए है। उक्त समस्त योजना श्रम विभाग के पोर्टल www.skpuplabour.in पर उपलब्ध है, कोई भी पात्र आवेदन कर्ता आवेदन प्रस्तुत कर नियमानुसार लाभ प्राप्त कर सकता है।

उन्होने मण्डल के समस्त ऐसे श्रमिक जो पंजीकृत दुकान, वाणिज्यिक अधिष्ठान एवं कारखाना में नियोजित हो उन्हें सूचित करते हुये बताया कि श्रम कल्याण परिषद के पोर्टल www.skpuplabour.in पर अपना आवेदन प्रस्तुत कर उपर्युक्त विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते है।

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